Thursday, September 25, 2008

Dil Se

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली

तुम मुहब्बत को खेल कहते हो 
हम ने बर्बाद ज़िन्दगी कर ली

उस ने देखा बड़ी इनायत से
आँखों आँखों में बात भी कर ली

आशिकी में बहुत ज़रूरी है
बेवफाई कभी कभी कर ली

हम नहीं जानते चिरागों ने 
क्यों अंधेरों से दोस्ती कर ली

धड़कनें दफन हो गई होंगी
दिल में दीवार क्यों खडी कर ली

1 comment:

kulwant yaron ka yar said...

it's really good yar ............