भूल शायद बहुत बड़ी कर ली
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली
तुम मुहब्बत को खेल कहते हो
हम ने बर्बाद ज़िन्दगी कर ली
उस ने देखा बड़ी इनायत से
आँखों आँखों में बात भी कर ली
आशिकी में बहुत ज़रूरी है
बेवफाई कभी कभी कर ली
हम नहीं जानते चिरागों ने
क्यों अंधेरों से दोस्ती कर ली
धड़कनें दफन हो गई होंगी
दिल में दीवार क्यों खडी कर ली
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1 comment:
it's really good yar ............
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