आए हैं समझाने लोग
हैं कितने दीवाने लोग
दैर-ओ-हरम में चैन जो मिलता
क्यूं जाते मैखाने लोग
जान के सब कुछ कुछ भी ना जाने
हैं कितने अन्जाने लोग
वक़्त पे काम नहीं आते हैं
ये जाने पहचाने लोग
अब जब मुझको होश नहीं है
आए हैं समझाने लोग
हैं कितने ...
Sunday, September 28, 2008
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