चिराग-ऐ-सहर है पर इंतज़ार बाकी है
हमें सलाम करो ई हवादिस-ऐ-दौरान
तुम्हारे साथ हैं फिर भी करार बाकी है
गुज़र चुका है उम्मीदों का काफिला कब का
राह-ऐ-यकीन पे अब भी गुबार बाकी है
हमें पुकार लो जब चाहो हम मिलेंगे वहीं
मिले हैं ख़ाक में लेकिन वकार बाकी है

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